रोहित तू रहेगा जिन्दा
हम युवाओं के दिलों में
आवाज़ों में और हर उठती हवाओं में
जो तूने उठाई थी
जो चिंगारी तूने सुलगाई थीहम उसीके उजालों में
चलते रहेंगे और दम भर चलते रहेंगे
पर झुकाने ना देंगे
तेरे बातों को और तेरे ख़्वाबों को ,
तू वहां पर भी अपनी ख़ामोशी से
और अपनी सादगी से
बदल देगा फरिश्तों का मन
ताकि फिर कोई रोहित
असमय ना जले, ना मरे
समाज के विरोधी आगों में
और तू शांत था शांत रहेगा
पर जिन्दा रहेगा तू
हम युवाओं के दिलों में
आवाज़ों में और हर उठती हवाओं में.
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